Jitendra Singh

Darbhanga, India, ACCOUNTS AND TAX PROFESSIONAL, SELF EMPLOYMENT, Writing,Listening music,Reading Novel (Love & Romance)
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हाँ मैं बदसूरत हूँ मगर जैसा हूँ बेहतर à¤

हाँ मैं बदसूरत हूँ मगर जैसा हूँ बेहतर हूँ , तुझे होगा गुमां अपनी Read More

मरहम ना मिल रहे

लिखना चाहूँ पर शब्द ना मिल रहे, मूंदे नैन काटूं सारी रात पर मेरे इन Read More

मालूम नहीं ये एहसास क्या है और कैसा है

मालूम नहीं ये एहसास क्या है और कैसा है जब पास होते हो तो सुकून सा लगता Read More

फलसफे का मेरी वो आज सबब दे गए....

जिन्दगी के रूबरू चलते हुए फलसफे का मेरी वो आज सबब दे गए, हकीकत में और Read More

गमजदा नहीं हूँ बस थोड़ा खामोश हूँ मैं ।

गमजदा नहीं हूँ बस थोड़ा खामोश हूँ मैं, देखा जो हश्र जननी का चहुओर Read More

फौलाद बनने की तैयारी है....

जिंदगी को बेवजह हम दुश्मन समझ बैठे थे, कमबख्त ये तो महबूबा निकली, Read More

हाँ मौन हूँ और कुछ बेचैन भी ......

हाँ मौन हूँ और कुछ बेचैन भी, तेरी हर बेसब्री का एहसास है मुझे, कर रहा Read More

परेशाँ नहीं हूँ मैं मगर आज थोड़ा मौन हूà¤

परेशाँ नहीं हूँ मैं हाँ मगर आज थोड़ा मौन हूँ, पूछ रहा खुद से कि बता आखिर मैं Read More

न जाने कहाँ खो गया वो दोस्त मेरा...।।

न जाने कहाँ खो गया वो दोस्त मेरा, जो हर सुबह मुझे नींद से जगाया करता था, Read More

हाँ बहुत बेफिक्र जी रहा था मैं...!!

हाँ बहुत बेफिक्र जी रहा था मैं, जो बस साथी थे कुछ लम्हों के उन्हें हमसफ़र Read More

बेफिक्री......!!!

बेफिक्री से जीता रहा मैं उन्मुक्त बहारों में, बिखर गया आशियाँ मेरा और Read More

तुझे राग बना के गुनगुनता रहता हूँ......!!

तुझे राग बना के गुनगुनता रहता हूँ, हर लम्हें में हजारों दफा तेरा नाम Read More

तेरा पीड़ चुराने की आरजू में...!!

तेरा पीड़ चुराने की आरजू में ये कैसा दर्द उधार आप ही ले बैठे हम, निकले Read More

मेरा तुझसे - तेरा मुझसे जो नाता है...!!

मेरा तुझसे - तेरा मुझसे ये जो नाता है, नादाँ दुनिया भला कहाँ समझ पाया Read More

कितना बेबस हूँ आज मैं......

कितना बेबस हूँ आज मैं☹ जिसकी हँसी से मेरी हर सुबह चहकती थी, आज उस हँसी Read More

ये डोर हमारे दरम्यां कैसी है।

नाता जोड़ा न था मैंने तुझसे कभी फिर ये डोर हमारे दरम्यां कैसी है, तुझे Read More

ये डोर हमारे दरम्यां कैसी है।।।

नाता जोड़ा न था मैंने तुझे कभी फिर ये डोर हमारे दरम्यां कैसी है, तुझे Read More

एक एहसास।।

एक एहसास जो नामुकम्मल होकर भी खुद में ही मुकम्मल होती है है ये नाजुक मोम Read More

एहसास तुझको भी होगा !!

तुझे छुप - छुप के चोरी से देखती ये निगाहें मेरी ये एहसास तो तुझको भी Read More

तेरी हर अल्फाज़ को मैंने इश्क - ए - जाम कहà

तेरी हर अल्फाज़ को मैंने इश्क - ए - जाम कहा, ये और बात है की तुझपे छाया नशा Read More



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